बंद करिए बीयर की दुकान अब तो मान जाइए
बंद करिए बीयर की दुकान अब तो मान जाइए
तूफान बन कर आया है कोरोना सब जान जाइए
बंद करिए बीयर की दुकान अब तो मान जाइए।
आया है कोरोना सब जान जाइए...
यह तो सत्य सिद्ध है कि फैला मांसाहार से।
क्या होगी तरक्की भाई गोश्त के व्यापार से।
चक्रवृद्धि की तरह बढ़ेगा यह इस बाजार से।
रोकथाम होगा अब शुद्ध शाकाहार से।
दारु बीयर की कमाई कोढ़ है भाई ये।
आया है कोरोना सब जान जाइए।
जीव हिंसा की परंपरा को अब तो मिटाइए।
धर्म भूमि भारत पर अहिंसा को लाइए।
आर्तनाद सुन निरीह जीवों को बचाइए।
जानबूझ कर खुद ही मुसीबत ना बुलाइए।
रक्षक ही होता है महान यह भी जान जाइए।
आया है कोरोना अब तो मान जाइए।
डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट पर अपना ध्यान बढ़ाइए।
कोई शाकाहारी संक्रमित नहीं सबको यह बताइए।
बहुत बड़ा आधार है हृदय में बसाइए।
बंद करो अंडे मांस की दुकान किसी को न चाहिए।
नष्ट हो प्रदूषण नया कीर्तिमान यह बनाइए।
नष्ट हो हिंसा नया कीर्तिमान यह बनाइए।
आया है कोरोनावायरस अब तो मान जाइए...।
उग्र रूप क्रोध से गर्म मिजाज चीज है।
संयम सबके टूट जाएंगे व्यंजन यह गलीज है।
देश के अस्पतालों में अब भरे सब मरीज हैं।
कोई भी मिल ना सके चाहे दिल मिले अजीज हैं।
जिद्द में आवाम ले न, श्मशान जाइए।
आया है...
बुद्धि विवेक होती नाश यही सब का हाल है।
दुष्ट चरित्र गद्दारों का बढ़ने लगा मलाल है।
घर में क्लेश, हिंसा, कलह और बवाल है।
पीने वाला बादशाह किसी की क्या मजाल है।
छोड़कर विदेश अब तो हिंदुस्तान आइए।
आया है कोरोना सब मान जाइए।
जीवात्मा बहुत भ्रमण करके इस शरीर में आई है।
सारी उम्र तूने यूं ही व्यर्थ ही गंवाई है।
अब तो मन को प्रभु शरण में लगाइए।
शिव नेत्र खोलकर भाग्य अपना जगाईए।
घर हीं में रहकर खुद बचिए औरों को बचाइए।
आया है कोरोनावायरस अब तो मान जाइए।
बंद करिए अंडा मांस मछली और शराब।
इनसे बहुत होती है बुद्धि भी खराब।
जवानी की आड़ में अहंकार न दिखाइए।
बुद्धिमानी की आड़ में अहंकार न दिखाइए।
आया है कोरोनावायरस अब सब जान जाइए।
तूफान है क़ोरोना यह सब जान जाइए।
बंद करिए बीयर की दुकान अब तो मान जाइए।
आचार्य गुरुदास प्रजापति (महक)
9598524752
Kunwarraj52@gmail.com
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